ऐसे बेटे जो अपने मुख्यमंत्री पिता की कैबिनेट में रहे मंत्री, आदित्य ठाकरे समेत कई नाम शामिल

ऐसे बेटे जो अपने मुख्यमंत्री पिता की कैबिनेट में रहे मंत्री, आदित्य ठाकरे समेत कई नाम शामिल



सियासत में विरासत के प्रचलन का प्रमाण भारतीय इतिहास में दर्ज है। राजतंत्र में यही परंपरा होती थी। राजा का बेटा ही राजा बनता था। यह पुरानी परंपरा आज लोकतंत्र में भी नजर रही है। राजनीतिक दिग्गज अपनी विरासत किसी और को सौंपने के बजाय अपने बेटे को सौंपना चाहते हैं। इसे पुत्रमोह कहें या राजनीति पर अपनी पकड़ बनाए रखने की सियासी चाल, लेकिन हकीकत यही है।


 

कुछ बेटे ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पिता की अंगुली पकड़कर राजनीति में अपनी पहचान बनाई और कुछ बेटे ऐसे भी हैं जिन्हें अपने मुख्यमंत्री पिता के ही मंत्रिमंडल में मंत्री पद मिला। आइए ऐसे कुछ वरिष्ठ नेताओं और उनके बेटों के बारे में जानते हैं जिन्हें अपने पिता के मंत्रिमंडल में ही मंत्री पद मिला...


 


आदित्य ठाकरे पहली बार में ही बने मंत्री 


सबसे पहले बात करते हैं उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे की। सोमवार को उद्धव ठाकरे कैबिनेट का विस्तार हुआ। इस मंत्रिमंडल विस्तार में मुख्यमंंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे समेत शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस से 36 नए विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। आदित्य मुंबई की वरली सीट से पहली बार विधायक चुने गए हैं। वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और बाला साहेब ठाकरे के पोते हैं। वह ठाकरे परिवार से चुनाव लड़ने वाले पहले सदस्य हैं।


चंद्रशेखर राव के बेटे


इसी कड़ी में तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामा राव भी हैं। के चंद्रशेखर राव का पूरा नाम कल्वाकुंतला चंद्रशेखर राव है, वह तेलंगाना राष्ट्र समिति पार्टी के प्रमुख हैं और तेलंगाना राज्य के गठन के बाद 2014 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। दूसरी बार भी उनकी पार्टी ने विधानसभा में जीत दर्ज की और दिसंबर 2018 में वह दोबारा मुख्यमंत्री बने। उनके बेटे केटी रामा राव तेलंगाना के करीमनगर जिले के सरसिला विधानसभा से विधायक हैं और वह अपने पिता के कैबिनेट में आईटी, नगर प्रशासन, कपड़ा, एनआरआई मामलों और शहरी विकास विभागों के कैबिनेट मंत्री हैं। 


चंद्रबाबू नायडू के बेटे


दक्षिण भारत के सबसे चर्चित मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बेटे का नाम भी अपने पिता के कैबिनेट में मंत्रीपद पाने वालों में शुमार है। चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के विभाजन होने के बाद नए राज्य सीमांध्र (जिसे आंध्र प्रदेश भी कहा जाता है) के मुख्यमंत्री बने थे। वह 2014 से 2019 तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। नारा लोकेश, चंद्रबाबू नायडू के बेटे और एनटी रामा राव के नाती हैं। लोकेश को 2017 में आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की कैबिनेट में सूचना प्रौद्योगिकी, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।


करुणानिधि के बेटे


बात करते हैं तमिल राजनीति के सबसे चर्चित नाम एम करुणानिधि की। एम करुणानिधि ने तमिलनाडु में करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली। 1969 से 2011 के बीच करुणानिधि पांच बार मुख्यमंत्री रहे। इनके बेटे एमके स्टालिन का नाम भी उन बेटों में शामिल है, जिन्होंने अपने पिता के कैबिनेट में मंत्री पद पाया। एमके स्टालिन ने अपने पिता के कैबिनेट में 29 मई 2009 को उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्हें तत्कालीन राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला ने पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई थी। हालांकि, एम के स्टालिन पर अब अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने की जिम्मेदारी है। वर्तमान में वह डीएमके पार्टी के अध्यक्ष हैं और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।


बादल परिवार


पंजाब की राजनीति में बादल परिवार का अहम योगदान रहा हैं। प्रकाश सिंह बादल पांच बार पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं। इनके बेटे सुखबीर सिंह बादल ने भी अपने पिता के कैबिनेट में मंत्री पद संभाला था। प्रकाश सिंह बादल 2007 से 2017 तक लगातार 10 साल तक पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली। उस दौरान उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल पंजाब के उप मुख्यमंत्री बने थे। सुखबीर सिंह बादल 2009 से 2017 तक पंजाब के उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इनके उपर भी अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने की जिम्मेदारी है। वर्तमान में सुखबीर सिंह शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और फिरोजपुर लोकसभा से सांसद हैं।


चौटाला पारिवार


अब बात करते हैं हरियाणा के चौटाला परिवार की। ताऊ देवीलाल चौटाला 1989 में वीपी सिंह की सरकार में देश के छठे उप प्रधानमंत्री बने थे। इससे पहले उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री के तौर पर 1977-79 और 1987 से 89 तक दो बार सत्ता संभाली थी। उनके दो बेटे हैं। ओम प्रकाश चौटाला और रंजीत सिंह चौटला। रंजीत चौटाला का नाम भी अपने पिता की कैबिनेट में मंत्री पद पाने वाले बेटों की लिस्ट में शामिल है। रंजीत सिंह चौटाला ने हरियाणा के 7वीं विधानसभा चुनाव में रोरी विधानसभा से चुनाव जीता था और अपने पिता के मुख्यमंत्री कार्यकाल 1987 से 1989 के बीच उन्होंने हरियाणा के कृषि मंत्री का पद संभाला था। रंजीत चौटाला वर्तमान में हरियाणा के रानियां विधानसभा से निर्दलीय विधायक हैं और मनोहर लाल कैबिनेट में उर्जा मंत्री हैं। बता दें कि मनोहर कैबिनेट में ही रंजीत सिंह चौटाला के पोते दुष्यंत चौटाला उप मुख्यमंत्री हैं। 


Popular posts
ब्रेकिंग न्यूज़ - एस वी एस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के संस्थापक श्री वीरेंद्र सिंह यादव का हुआ निधन पूरा परिवार एवं ग्रामीण वासी शोकाकुल
Image
ब्रेकिंग न्यूज़ -रानी पाल को प्रधान देखने के लिए लोगों ने भगवान से की मनोकामनाएं
Image
सरई थाना अंतर्गत ग्राम खनुआ नवा टोला में एक अनोखी पहल देखने को मिली
Image
सिंगरौली जिले के सरई थाना अंतर्गत ग्राम जट्टाटोला में मानवता को किया शर्मशार रात जंगल में ही हॉस्पिटल कर्मचारियों एवं एंबुलेंस ड्राइवर की लापरवाहीयों से बच्चा पैदा हुआ रोड पर
Image
दिल्ली, यूपी में एक हफ्ते के लिए बढ़ा लॉकडाउन, इऩ राज्यों में कल से संपूर्ण लॉकडाउन, जानें- क्या-क्या बंद रहेगा
Image