नए साल में 500 बेड का होगा जिम्स हॉस्पिटल

नए साल में 500 बेड का होगा जिम्स हॉस्पिटल


नए साल में 500 बेड का होगा जिम्स


 

ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) सूबे के बड़े अस्पतालों में शुमार होगा। नए साल में संस्थान में बेड की संख्या 300 से बढ़ाकर 500 की जाएगी। इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता जारी है।
जिम्स निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर संस्थान से संबंधित भविष्य की विकास योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पहले संस्थान में केवल दो फ्लोर ही क्रियाशील थे, अब चारों फ्लोर शुरू हो चुके हैं। इस वर्ष मरीजों की संख्या में भी करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। संस्थान में मरीजों के लिए सामान्य इलाज के साथ-साथ घुटने व कूल्हे के प्रत्यारोपण, लैप्रोस्कोपिक व हिस्ट्रेक्टोनॉमी आदि ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध हैं। संस्थान से संबद्ध अस्पताल व लैब की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी प्रयास जारी हैं।
इसी साल उपलब्ध होगी ब्लड कंपोनेंट सुविधा
संस्थान में ब्लड बैंक की सुविधा तो पहले से ही उपलब्ध है। इस वर्ष के अंत तक ब्लड कंपोनेंट (ब्लड सेपरेशन यूनिट) की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है। इससे प्लेटलेट्स, प्लाज्मा आदि रक्त अवयव अलग हो सकेंगे। प्राइवेट वार्ड भी शुरू कर दिया गया है। 1000 रुपये प्रतिदिन खर्च कर मरीज सुविधापूर्ण इलाज ले सकते हैं।
सस्ती दरों पर एमआरआई, सीटी स्कैन की सुविधा भी मिलेगी
नए वर्ष में मरीजों को सस्ती दरों पर एमआरआई व सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में संस्थान द्वारा पीपीपी मॉडल के आधार पर टेंडर भी निकाला जा चुका है। इससे ताज एक्सप्रेसवे व ईस्टर्न एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को उपचार मिल सकेगा। लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर संस्थान में उपलब्ध है।
150 मरीजों को मिला आयुष्मान योजना का लाभ
संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी व आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक संस्थान में 500 से ज्यादा लोगों के गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके हैं। 150 से अधिक मरीज इस योजना का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में बिजली पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए समझौता किया जा रहा है।
हर बुधवार को लगेगा शिविर
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश बाबू ने बताया कि संस्थान प्रत्येक बुधवार को क्षेत्र के किसी न किसी गांव में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहा है। वर्तमान में औसतन 100 नए मरीज हर माह भर्ती होते हैं। ओपीडी में हर माह करीब 33000 मरीज इलाज कराने आते हैं।
नए साल में शुरू होगा पीजी कोर्स
संस्थान ने मेडिसिन, सर्जरी, गाइनी, एनिस्थीसिया में एमडी व एमएस के समकक्ष डीएनबी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए आवेदन किया था। टीम दो बार निरीक्षण कर चुकी हैं। अगले साल कॉलेज को मान्यता मिल जाएगी। इसके अलावा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से एमबीबीएस के दूसरे सत्र की मान्यता भी मिल जाएगी।
सबसे पहले अमर उजाला ने दी थीं सूचनाएं
जिम्स के विकास से संबंधित अधिकांश प्रस्तावों का खुलासा अमर उजाला पूर्व में कर चुका है। प्राइवेट वार्ड से इलाज की सुविधा, डीएनबी से पीजी कोर्स की मान्यता, डायलिसिस यूनिट, ट्रामा सेंटर, एमआरआई, सिटी स्कैन की सुविधा, नए साल में एमबीबीएस की दूसरी सत्र की मान्यता, आयुष्मान योजना में गरीबों को उपचार, ब्लड कंपोनेंट यूनिट स्थापित किया जाना, एक रुपये की जगह 50 रुपये की पर्ची का प्रस्ताव जैसी तमाम योजनाओं से संबंधित खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हो चुकी हैं।


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