दिल्ली हिंसा: 'हम सब एक हैं' की कसम खाई, फिर मोर्चाबंदी कर दंगाइयों को रोका

दिल्ली हिंसा: 'हम सब एक हैं' की कसम खाई, फिर मोर्चाबंदी कर दंगाइयों को रोका



उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान गौतमपुरी इलाके के निवासियों ने आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता की मिसाल पेश की है। यहां दोनों समुदाय के लोगों ने मिलकर दंगाइयों का सामना किया और उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने दिए। बता दें कि दिल्ली में पिछले दिनों हुए इन दंगों में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है।


गौतमपुरी इलाके में करीब 4500 हिंदू और मुस्लिम परिवार रहते हैं। इन सभी परिवारों ने एकता की मिसाल पेश की है। इस इलाके में हिंसा की आंच नहीं पहुंची, यही वजह है कि ना तो यहां कोई दुकान तोड़ी गई और ना ही किसी का घर जलाया गया। अन्य संपत्तियों को भी यहां कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। यह सब स्थानीय लोगों की एकता की वजह से ही हुआ।
 
यहां रहने वाले हिंदुओं और मुसलमानों ने दंगाइयों के हमलों से अपने क्षेत्र को बचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों ही समुदाय के लोगों ने इस खुलकर बात भी की।


यहां रहने वाले 53 साल के राजकुमार भारद्वाज ने कहा कि हम गौतमपुरी के लोग हिंदू-मुस्लिम में विश्वास नहीं करते हैं, हम दृढ़ता से मानते हैं कि हम सब भारतीय हैं। मैं एक पंडित हूं, साहू भाई मुस्लिम हैं, लेकिन हम भारतीय हैं, बस।
 
गौतमपुरी के ही रहने वाले एक अन्य रहवासी 61 साल के मोहम्मद सलीम ने बताया कि जैसे ही हमें आस-पास के इलाकों में फैली हिंसा के बारे में पता चला, हम सभी एक जगह इकट्ठे हो गए और हम सभी ने अपनी गौतमपुरी की रक्षा करने की कसम खाई। हमने दंगा करने वाले बदमाशों को इलाके में घुसने से रोकने के लिए बांस और कुर्सियों के साथ अपनी लेन की मोर्चाबंदी कर दी थी।

उन्होंने यह भी बताया कि जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के इलाकों में हिंसा फैली हुई थी, तब इलाके के लोगों ने रात भर जागकर शांति मार्च निकाला। इस दौरान लोगों ने 'हम सब एक हैं', 'हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई' और 'इंसानियत की जीत हो' जैसे नारे लगाए, ताकि यहां रहने वाले सभी लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।


यहां रहने वाले 55 साल के कमरुद्दीन ने कहा कि एक साथ खड़े होकर हम न केवल हमारे बीच मौजूद भाईचारा बनाए हुए हैं, बल्कि इसके जरिए अपने बच्चों को भी इस एकता और भाईचारे की मिसाल को आगे बढ़ाते रहने की सीख भी दे रहे हैं। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है।

बता दें कि दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट जिले में अब तक हुई हिंसा में 42 लोगों की जान गई है। हालांकि अब इलाके में सामान्य स्थिति बनाए रखने के प्रयास हो रहे हैं, धीरे-धीरे इलाकों में दुकानें खुल रही हैं। हालांकि इसके साथ ही पुलिस की गश्त भी जारी है।


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