सिंगरौली कलेक्टर के व्ही एस चौधरी का भोपाल ननि में हुआ स्थानान्तरण,जिले के पत्रकारों ने दी भावभीनी विदाई

आर.वी न्यूज़ जिला ब्यूरो चीफ विवेक पाण्डेय संवाददाता करुना शर्मा


सिंगरौली कलेक्टर के व्ही एस चौधरी का भोपाल ननि में हुआ स्थानान्तरण,जिले के पत्रकारों ने दी भावभीनी विदाई


जिला ब्यूरो चीफ विवेक पाण्डेय संवाददाता करुना शर्मा



मध्यप्रदेश जिला सिंगरौली/सभी आईएएस अधिकारी को नगर पालिक निगम का आयुक्त बनकर काम करने का मौका नहीं मिलता, सिंगरौली जिले में कई आईएएस ऑफिसर आये लेकिन उन सब में केवल छवि भारद्वाज (आई ए एस) को सिंगरौली नगर पालिक निगम में आयुक्त के पद पर कार्य करने का मौका मिला।


उक्ताशय के वक्तव्य सिंगरौली कलेक्टर के व्ही एस चौधरी के हैं जिसे उन्होंने अपने भावभीनी विदाई अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से  मिलने के दौरान दिया। सिंगरौली से भोपाल नगर पालिक निगम में  बतौर आयुक्त पद पर स्थानान्तरित सिंगरौली कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि स्थानांतरण एक प्रशासनिक प्रक्रिया है और शासन ने  जो नई जिम्मेदारी दी है उसके लिए वे  तैयार हैं। इन सब बातों को बोलते हुए कलेक्टर श्री चौधरी के चेहरे पर हंसी व खुशी तो थी लेकिन कहीँ न कहीं दुख के भाव भी थे जिससे साफ प्रतीत हो रहा था कि जिसने सिंगरौली जिले के विकास के लिए पूरे समर्पण भाव से रात दिन काम किया,बदले में उन्हें ईनाम के रूप में जहाँ एक बड़े जिले का कलेक्टर बनाना चाहिए था वहीं उन्हें भोपाल नगर पालिक निगम का आयुक्त बना दिया गया। ये अलग बात है कि इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर बतौर कमिश्नर नई जिम्मेदारी निभाने की खुशी का इजहार कर श्री चौधरी ने  कहा कि एक आईएएस को जिला पंचायत सीईओ व अनुविभागीय अधिकारी के रूप में कार्य का अवसर मिलता है ,लेकिन आयुक्त के रूप में कम ही लोगों को मौका मिलता है, मुझे यह मौका मिला है और मैं इसे बेहतर तरीके से करूँगा।


इंजीनियरिंग कालेज का कार्य आगे नही बढ़ा पाने का मलाल


जिले व क्षेत्र के विकास में कौन सा कार्य ना कर पाने के मलाल के सवाल पर कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि जिले में एक इंजीनियरिंग कालेज की आवश्यकता थी इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था अफसोस है कि इस प्रोजेक्ट को आगे नही बढ़ा पाया और स्थानांतरण हो गया। कलेक्टर श्री  चौधरी के अनुसार इंजीनियरिंग कालेज के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्राचार कर चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्य को अब नए डीएम आगे बढ़ाएंगे और जिले में बहुत जल्द मेडिकल कालेज के साथ इंजीनियरिंग कालेज की भी सौगात जिले वासियो को मिलेगा। 


एनजीओ में 8 हजार महीना का था पगार


कलेक्टर केव्हीएस चौधरी ने अपने पठन-पाठन से लेकर कलेक्टर बनने के पूर्व तक का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि गुजरात के आनंदम नगर से पढ़ाई शुरू किया। इसके बाद प्रदान एनजीओ में काम करने का मौका मिला। यह एनजीओ एमपी के टीकमगढ़ समेत कई जिले में सक्रिय है। जिस समय एनजीओ में हमने काम शुरू किया मुझे 8 हजार रूपये प्रतिमाह पगार मिल रहा था। इसी बीच आईएएस की तैयारी भी किये और देश में 26 वां रैंक हासिल हुआ। जब प्रदेश चयन की बात आयी तो मेरा पहला पंसदीदा राज्य म.प्र.था। संयोग था कि अंतत: मुझे म.प्र.राज्य में काम करने का अवसर मिला।


दोस्तों के कहने पर दिया परीक्षा ,और बन गया कलेक्टर


पत्रकारों से चर्चा के दौरान कलेक्टर श्री चौधरी ने बताया कि वह आन्ध्र प्रदेश के निवासी है और शिक्षा गुजरात से प्राप्त किया है। एनजीओ में कार्य के दौरान दोस्तो ने प्रशासनिक क्षेत्र में जाने हेतु हौंसला बढ़ाया और 2008 में कोचिंग के लिए दिल्ली गया और तैयारी में जुट गया। बताया कि प्रथम बार परीक्षा पास होने के बाद संतोषजनक पद नही मिल पाया लिहाजा दोबारा कोशिश किया और देश मे 26 वां रैंक लाकर फाइनली कलेक्टर नियुक्त हुआ।


ये रही उपलब्धियां


सिंगरौली में तकरीबन 16 माह तक कलेक्टर रहे श्री चौधरी ने जिले के विकास के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किये। कलेक्टर के प्रयास से 35 करोड़ की लागत सन 1985 से पेंडिंग पड़े एयरपोर्ट निर्माण की शुरुआत, मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए भूमि की स्वीकृति, अन्न भंडारण के लिए 194 गोदाम का निर्माण, 130 अँगड़वाड़ी केंद्रों के लिए भवन का निर्माण , प्रधानमंत्री आवास को अंतिम रूप देकर रहने लायक तैयार करने सहित मध्यप्रदेश सरकार की सबसे बड़ी व बहुप्रतीक्षित योजना नल जल योजना के तहत घर- घर पानी पहुंचाने का कार्य किया।


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