अटल जयंती: 'ऐसी सत्ता को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा', पढ़िए उनके 10 बेबाक बोल

अटल जयंती: 'ऐसी सत्ता को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा', पढ़िए उनके 10 बेबाक बोल



 



खास बातें



  • पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती आज

  • राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

  • 'सदैव अटल' के नाम से जाना जाता है अटलजी का स्मारक

  • 16 अगस्त 2018 को अटलजी का निधन हुआ था



 

देश आज पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसा राजनेता रहे हैं जो अपनी पार्टी के साथ ही सभी दलों के प्रिय नेता रहे हैं। भारत के राजनीतिक इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण व्यक्तित्व शिखर पुरुष के रूप में दर्ज है। उनके भाषण के सभी कायल रहे हैं। जब वो सदन में बोलते थे तो हर कोई उन्हें सुनना चाहता था।
 

ऐसी सत्ता को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा
अटल बिहारी वाजपेयी राजनीतिक सिद्धांतों का पालन करने वाले नेता रहे। राजनीति में शुचिता के सवाल पर एक बार उन्होंने कहा था कि मैं 40 साल से इस सदन का सदस्य हूं, सदस्यों ने मेरा व्यवहार देखा, मेरा आचरण देखा, लेकिन पार्टी तोड़कर सत्ता के लिए नया गठबंधन करके अगर सत्ता हाथ में आती है तो मैं ऐसी सत्ता को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा।

31 मई 1996 को संसद में दिया गया 'अमर भाषण'
ऐसा ही सदन में दिया उनका भाषण अमर हो गया। वो भाषण था 31 मई 1996 का। जब अटल प्रधानमंत्री थे और उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तो उन्होंने खुद सदन में पार्टी के संख्या बल कम होने की बात कही थी और राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपा था। 

इस दौरान उन्होंने जो भाषण दिया वह आज भी राजनीति के सर्वश्रेष्ठ भाषणों में से एक गिना जाता है। इसके साथ ही अटल जी ने जो बातें विपक्षी दलों, पत्रकारों आदि के बारे में कही हैं उनसे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। पढ़ें उनकी वो सभी बातें।

-लोग उनके बारे में क्या विचार रखते हैं उस बारे में उन्होंने संसद के पटल से कहा था, 'कई बार यह सुनने में आता है कि वाजपेयी तो अच्छा लेकिन पार्टी खराब....अच्छा तो इस अच्छे बाजपेयी का आप क्या करने का इरादा रखते हैं?'

-अपने इस्तीफे पर उन्होंने कहा था, 'आज प्रधानमंत्री हूं, थोड़ी देर बाद नहीं रहूंगा, प्रधानमंत्री बनते समय कोई मेरा हृदय आनंद से उछलने लगा ऐसा नहीं हुआ, और ऐसा नहीं है कि सब कुछ छोड़छाड़ के जब चला जाऊंगा तो मुझे कोई दुख होगा....'

-पार्टी के संघर्ष के बारे में उन्होंने कहा था, 'हमारे प्रयासों के पीछे 40 सालों की साधना है, यह कोई आकस्मिक जनादेश नहीं है, कोई चमत्कार नहीं हुआ है, हमने मेहनत की है, हम लोगों के बीच गए हैं, हमने संघर्ष किया है, यह पार्टी 365 दिन चलने वाली पार्टी है। यह कोई चुनाव में कुकरमुत्ते की तरह खड़ी होने वाली पार्टी नहीं है।'

-राजनीतिक पारदर्शिता के बारे में वो बोले थे, 'राजनीति में जो कुछ हो पारदर्शी हो, दल अगर साथ आते हैं, तो कार्यक्रम के आधार पर आए हिस्सा बांट के आधार पर नहीं....बैंकों में लाखों रुपये जमा किए जाएं इसके लेकर नहीं।'

Popular posts
SINGER SHILPI RAJ MMS: का प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक लड़के के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखाई दे रही है
Image
नदी नहाने गए लड़के की डुबने से हुई मौत-
Image
अदाणी फाउंडेशन द्वारा महिलाओं के लिए एक दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
Image
अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से सिक्की कला ने खोली रोजगार की राह,सिक्की आर्ट के मशहूर कलाकार दिलीप कुमार के द्वारा दिया जा रहा है प्रशिक्षण
Image
नाबालिक लड़की ने लगाई फांसी हुई मौत,कारण अज्ञात।
Image