मजदूर दस्ता और टेक्सटाइल वर्कर्स यूनियन दोनों संगठन संयुक्त रूप से मोदी सरकार की मजदूर- विरोधी साजिशों के खिलाफ आज देश भर में चल रहे "देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

मजदूर दस्ता और टेक्सटाइल वर्कर्स यूनियन दोनों संगठन संयुक्त रूप से मोदी सरकार की मजदूर- विरोधी साजिशों के खिलाफ आज देश भर में चल रहे "देशव्यापी विरोध प्रदर्शन


संवाददाता संतोष सिंह गोरखपुर



गोरखपुर। 22 मई बिगुल मजदूर दस्ता और टेक्सटाइल वर्कर्स यूनियन दोनों संगठन संयुक्त रूप से मोदी सरकार की मजदूर- विरोधी साजिशों के खिलाफ आज देश भर में चल रहे "देशव्यापी विरोध प्रदर्शन "के दौरान आज बरगदवा स्थित औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों ने बरगदवा में सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। बिगुल मजदूर दस्ता के राजू कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी के इस कठिन समय को फ़ासीवादी मोदी सरकार अपनी मज़दूर विरोधी नीतियों को लागू करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रही है।



कोरोना संकट के पहले ही भारत की अर्थव्यवस्था भयंकर मंदी की शिकार थी और अब कोरोना के दौरान यह संकट और भी गहरा हो गया है, ऐसे में पूंजीपतियों के मुनाफ़े की भरपाई मज़दूरों को गुलामों की तरह फ़ैक्टरियों में 12-14 घंटे काम कराकर वसूलने की तैयारी चल रही है। मेहनतकशों पर कोरोना संकट की दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ वह शहरों में काम ठप हो जाने की वजह से हज़ारों किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुँचने को मज़बूर हैं तो दूसरी तरफ तमाम सेक्टरों से मज़दूरों के  छँटनी की भी खबरें आने लगी हैं। ऐसे में मेहनतकश आबादी अगर कोरोना से बच भी जाती है तो यह फ़ासीवादी सत्ता उन्हें भूखों मरने के लिए सड़कों पर छोड़ देगी।



टेक्सटाइल वर्कर्स यूनियन के अरुण चौबे ने कहा कि हम लोग बरगदवा स्थित औद्योगिक क्षेत्र के कारखानों में काम करते हैं और यहां की वास्तविक स्थिति यह है कि प्रबंधन लॉकडाउन के दौरान किसी प्रकार की कोई आर्थिक सहायता नहीं पहुंचाई है और तो और जो हमारा वाजिब वेतन लॉकडाउन में कारखाना बंद होने के कारण प्रतिमाह का वेतन ले ऑफ के रूप में बनता है वह भी नहीं मिला है हम जब प्रबंधन से बात करने गए तो उन्होंने हाथ खड़ा कर दिया कि हम कोई वेतन नहीं दे पाएंगे आप लोग चले जाइए अब हमारे सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है हमारे पास अब पैसा नहीं है की आगे का खर्च हम चला पाए।



 हमारी प्रमुख माँगें-



1) लॉक डाउन के दौरान का पूरा वेतन मजदूरों को दिया जाए!
2)कोविड-19 से गहराये आर्थिक संकट की आड़ में मज़दूरों से गुलामों के समान काम कराने के लिए श्रम कानूनों में ऑर्डिनेंस के ज़रिये किये जा रहे असंवैधानिक संशोधनों को तत्‍काल रद्द करो!


3) स्‍वास्‍थ्‍य सेवा समेत सभी मूलभूत सेवाओं व वस्‍तुओं के उत्‍पादन, जैसे परिवहन, बिजली उत्‍पादन व वितरण, इत्‍यादि में लगे मज़दूरों व कर्मचारियों को सुरक्षा के सभी आवश्‍यक उपकरण प्रदान करो!


4) सभी मूलभूत वस्‍तुओं और सेवाओं की आपूर्ति की सार्वभौमिक सार्वजनिक व्‍यवस्‍था करो!


5)सारी मेहनतकश जनता को एपीएल-बीपीएल और राशन कार्ड के चक्‍कर के बिना सार्वभौमिक खाद्य वितरण की सुविधा दो!


6) कोरोना संक्रमण के खतरे के टलने  तक श्रमिकों को काम करने के लिए कत्तई बाध्‍य न किया जाये! उन्‍हें वैतनिक         अवकाश व रोज़गार की पूर्ण सुरक्षा दो! ‘'स्‍वरोज़गार प्राप्‍त'’ अनौपचारिक कामगारों हेतु नकद गुजारे भत्‍ते की पूर्ण व्‍यवस्‍था करो! 


7) घर जाने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए पूर्ण सुरक्षा के साथ निशुल्‍क परिवहन की व्‍यवस्‍था करो!


8) सरकारी योजनाविहीनता के कारण लॉकडाउन के दौरान मरे श्रमिकों के परिवारों के एक-एक सदस्‍य को पक्‍की नौकरी और उचित मुआवज़ा प्रदान करो!


9) कोरोना संकट से निपटने हेतु संसाधनों के लिए देश के पूंजीपति वर्ग और अमीर वर्गों पर विशेष कर व सेस लगाओ।


10) कोविड-19 संकट के दौरान अन्य बीमारियों के इलाज हेतु बन्द किये गये ओपीडी आदि को तत्काल खोलो।                           विरोध प्रदर्शन में फौजदार यादव विरेंदर अरुण चौबे अजय मिश्रा रामाज्ञा अजय सूर्या इत्यादि लोग उपस्थित थे।                      भवदीय    राजू कुमार 9455920657


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