कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में कोल इंडिया में तीन दिनी हड़ताल शुरू, एनसीएल में दिख रहा खासा असर

कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में कोल इंडिया में तीन दिनी हड़ताल शुरू, एनसीएल में दिख रहा खासा असर


जिला ब्यूरो चीफ विवेक पाण्डेय संवाददाता करुना शर्मा


खदानों में मशीनों के साथ रास्तों पर ट्रकों के पहिए भी रुके, सिंगरौली ट्रक एसोसिएशन ने दिया ट्रेड यूनियन को समर्थन


मध्य प्रदेश जिला सिंगरौली रिर्टन विश्वकाशी (RV NEWS LIVE) व्यूरो न्यूज- देश में कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ मजदूर संगठनों की ओर से गुरुवार को तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई। कोयला उद्योग में से तीन दिवसीय हड़ताल शंखनाद करते हुए कोलियरियों में चक्का जाम कर दिया है। इसे सफल बनाने के लिए एनसीएल में मजदूर संगठनों के नेता-पदाधिकारी अपने समर्थकों के साथ दिन भर सक्रिय रहे। एनसीएल की खदानों में हड़ताल के कारण कोयले का उत्पादन और डिस्पैच बुरी तरह से प्रभावित है। गौरतलब है कि कमर्शियल माइनिंग के विरोध में बीएमएस, एटक, इंटक, एचएमएस, सीटू एवं अन्य श्रम संगठन तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं। श्रम संगठनों की माने तो एनसीएल की खदानों में 95% तक हड़ताल सफल रही। जयंती, दूधिचुआ, अमलोरी, गोरबी समेत एनसीएल की खदानों में काम पूरी तरह से ठप रहा। इस दौरान कोयले का प्रेषण एवं डिस्पैच पूरी तरह से बंद रहा।


सिंगरौली एनसीएल मुख्यालय के बाहर श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया। इसके अलावा खदानों में सुबह की प्रथम पाली से ही मजदूरों ने हाजरी नहीं बनाई। सुबह मजदूर कोलियरी खदान और परियोजना स्थल पर जरूर पहुंचे, लेकिन किसी ने भी हाजरी नहीं बनाई। वहीं बैठ उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आउटसोर्सिंग के कार्य में लगे लोगों को भी हड़ताल का समर्थन करने के लिए लगातार रोका गया।


नेहरू समेत केंद्र चिकित्सालय के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
हड़ताल के समर्थन में नेहरू शताब्दी चिकित्सालय समेत केंद्रीय चिकित्सालय के सभी स्टॉफ हड़ताल पर रहे। इस दौरान सिर्फ मानवीय आधार पर करेंगे इमरजेंसी सेवाओं को बगैर तनखाह के अटेंड किया गया।


सिंगरौली ट्रक एसोसिएशन का मिला समर्थन
कामगारों की हड़ताल सफल बनाने के लिए सिंगरौली ट्रक एसोसिएशन ने खुला समर्थन दे दिया। जिस कारण रोड मार्ग द्वारा कोयले का डिस्पैच पूरी तरह से प्रभावित दिखा। सड़कों पर एक भी कोल वाहन नहीं चले।


गस्त में लगी रही पुलिस
किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखा। एनसीएल की खदानों समेत परियोजनाओं में पुलिसकर्मी लगातार गश्त करते रहे। मोरवा निरीक्षक मनीष त्रिपाठी द्वारा सदल बल प्रथम पाली से ही हड़ताल में रहे कर्मियों पर नजर रखी गई।


आंकड़ों के खेल में लगा रहा एनसीएल प्रबंधन
हर बार की तरह इस बार भी हड़ताल के दौरान कोयले का प्रेषण एवं डिस्पैच के अप्रत्याशित आंकड़े जारी कर एनसीएल प्रबंधन उत्पादन दिखाने में लगा रहा। एनसीएल प्रबंधन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार की प्रथम पाली में एनसीएल ने लगभग 18500 टन कोयला उत्पादन किया। इस दौरान कंपनी द्वारा किए जाने वाले कोयला प्रेषण (डिस्पैच) भी आंशिक रूप से प्रभावित रहा। गुरुवार को प्रथम पाली में एनसीएल ने लगभग 60600 टन कोयला डिस्पैच किया। हड़ताल जनित परिस्थिति के बावजूद कल की प्रथम पाली की तुलना में लगभग 295000 CuM (लगभग 80%) अधिभार हटाव किया गया। प्रथम पाली एवं सामान्य पाली मिलाकर लगभग 80% कर्मी अनुपस्थित रहे, हालाँकि बहुत सारे कर्मी काम पर आना चाह रहे थे जिन्हें प्रदर्शन में लगे लोगों द्वारा आने नही दिया गया। हड़ताल के दौरान कंपनी में बिजली, पानी तथा मेडिकल सेवाओं सहित आवश्यक सेवाएं जारी रहा।


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