कथित डाॅक्टरों की हैवानियत का शिकार हो गया पूर्व सैनिक, मौत

कथित डाॅक्टरों की हैवानियत का शिकार हो गया पूर्व सैनिक, मौत


संवाददाता सचिन यादव फर्रुखाबाद



बुजुर्ग को कोरोना का भय दिखाकर करते रहे गलत इलाज, घुटने के गलत ऑपरेशन से हुआ सेप्टिक और किडनी डैमेज, पुत्रों की मांग पर कथित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज


जनपद फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश रिर्टन विश्वकाशी (RV NEWS LIVE) व्यूरो न्यूज- फर्रुखाबाद। विगत महीनों में कोविड-19 के संक्रमण के चलते कथित डाॅक्टरों ने अपनी हैवानियत का परिचय देते हुए नगर के घारमपुर के रहने वाले पूर्व सैनिक श्यामलाल का कोरोना का भय दिखाकर गलत इलाज किया। यहां तक कि उनके घुटने का गलत ऑपरेशन कर दिया। जिसमें सेप्टिक हो गया और दवाओं के रिएक्शन से पूर्व सैनिक की किडनी डैमेज हो गई और जुलाई माह में उनकी मौत हो गई। मृतक पूर्व सैनिक के पुत्र ने इन नीम हकीमे खतरे जान डाॅक्टरों के बिरूध न्यायालय में वाद दर्ज करके 156/3 का मुकदमा दर्ज कराया है। 
दिवंगत पूर्व फौजी के पुत्र संजीव कुमार रजत ने देवरामपुर निवासी कविता कुशवाहा पत्नी रमन कुशवाहा व देवकुमार पुष्कर पुत्र अहिवरन निवासी रेलवे स्टेशन के बिरूध ( 156/3 के मामले में कहा है कि ये दोनों बिना किसी लाइसेंस के और बिना किसी प्रशिक्षण के इलाज करते हैं जबकि ये डाॅक्टर नहीं हैं। संजीव ने कहा कि उनके पिता श्यामलाल को कोई बीमारी नहीं थी सिर्फ उनके दांयें पैर के घुटने में दर्द होता था। 10 मार्च को तकलीफ अधिक बढ़ने पर आजीविका के सिलसिले में मुंबई में रह रहे संजीव कुमार ने अपने पड़ोसियो से पिता का सहयोग करने के लिए कहा। तब पड़ोसियों ने बताया कि कविता कुशवाहा व देवकुमार इलाज करते हैं तो संजीव ने उन्हें अपने पिता का इलाज करने के लिए कहा। यह दोनों कथित चिकित्सक घारमपुर स्थित मेरे घर पहुंचे और मेरे पिता श्यामलाल को कोरोना का भय दिखाकर इलाज प्रारंभ कर दिया। 15 मार्च को इन दोनों ने श्यामलाल के घुटने का गलत ऑपरेशन कर दिया और मनमाना धन वसूला। गलत ऑपरेशन होने से पांव में सेप्टिक और बढ़ गई जिस पर हैवी डोज की दवा शुरू की गई। जिसका साइड इफेक्ट यह हुआ कि मेरे पिता श्यामलाल की किडनी डैमेज हो गई और उनकी हालत दिन पर दिन बिगड़ती ही गई। मना करने के बावजूद यह दोनों उनकी हैवी डोज दवा चलाते रहे। 17 जून को संजीव मुंबई से वापस आया 14 दिन के लिए होम क्वारेन्टाइन हो गया। इस अवधि में पिता की हालत और बिगड़ी और उन्हें कानपुर ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने किडनी डैमेज का मामला बताकर मामले को गंभीर बताया। इसी के चलते 13 जुलाई को श्यामलाल की मौत हो गई। 
संजीव ने कविता कुशवाहा और देवकुमार पुष्कर पर आरोप लगाया कि यह लोग अप्रशिक्षित व गलत इलाज करते हैं और भोले-भाले ग्रामीणों से ठगी करते हैं। जिससे और भी कई जानें जा चुकी हैं। इस बाबत संजीव ने डाक द्वारा पुलिस कप्तान को प्रार्थना पत्र भेजा लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तब संजीव ने न्यायालय में 156/3 में याचिका डाली और गलत ऑपरेशन करके पिता को मौत के मुंह में भेजने वाले अप्रशिक्षित डाॅक्टरों के विरू( संज्ञेय अपराध का मामला दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अदालत ने कथित डाॅक्टरों पर मुकदमा दर्ज करके पुलिस को कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।


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