सिंगरौली को सिंगापुर नहीं सिंगरौली ही रहने दें, जल्द सिंगरौली में लगे आक्सीजन जनरेटिंग प्लांट: अजय सिंह

सिंगरौली को सिंगापुर नहीं सिंगरौली ही रहने दें, जल्द सिंगरौली में लगे आक्सीजन जनरेटिंग प्लांट: अजय सिंह 

संवाददाता धर्मेन्द्र शाह की खाश रिपोर्ट

जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश रिर्टन विश्वकाशी ( RV NEWS LIVE ) ब्यूरो न्यूज़/ सिंगरौली बैढन पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि आज से 13 साल पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने बड़े दंभ से लोगों को सपने दिखाए थे कि नए जिले सिंगरौली को सिंगापुर बनाऊंगा।  सपने को पूरा होते देखने के लिए लोगों की आँखें थक चुकी हैं।  उनके द्वारा द्वारा किये गए झूठे वादे अब पथरायी आँखों के सपने बन गए हैं। सबसे ज्यादा खनिज रायल्टी देने वाला जिला आज भी अपनी दशा पर रो रहा है।

सिंह ने कहा कि शिवराजसिंह सिंगरौली को सिंगरौली ही रहने दें, लेकिन वादे के मुताबिक मूलभूत सुविधा देना आपका धर्म है। कम से कम अस्पतालों की दशा ही सुधार दें जो स्वास्थ्य के आधुनिक उपकरणों के नाम पर शून्य हैं। यहां की जनता इलाज के लिए हलाकान है और आशा भरी नजरों से आपकी ओर देख रही है। उन्होंने एन.सी.एल. द्वारा दिए गए दस करोड़ रुपये में से सिंगरौली में भी एक आक्सीजन जनरेटिंग प्लांट लगाने की मुख्यमंत्री से अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 13 साल बाद अभी भी सिंगरौली को सिंगापुर बनाने की बात दोहरा रहे हैं। वे अब कह रहे हैं कि यहाँ के विकास के लिए पांच साल का रोड मैप बनाया जायेगा, यानी उनके वायदे को कुल 18 साल हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि यह झूठ बोलने की पराकाष्ठा है, पता नहीं आप अब और कितना झूठ बोलेंगे?

अजयसिंह ने कहा कि एन.सी.एल. ने पिछले सात वर्षों में अपने सी.एस.आर. मद से पांच सौ करोड़ मध्यप्रदेश की जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए दिए हैं। जबकि सरकार द्वारा एकमात्र ट्रामा सेंटर बनवाया गया है। इसमें न तो पैथालाजी और टीपीसीआर लैब है और न ही अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की व्यवस्था है। न तो एक्स रे मशीन उपलब्ध है और न ही ब्लड बैंक। आक्सीजन प्लांट भी नहीं है। आक्सीजन की कमी से मरीज मौत के मुंह में समा रहे हैं। प्रदूषण की दोहरी मार झेल रही यहाँ की जनता को बाहर रिफर किया जाता है जो रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। क्योंकि खुद एन.सी.एल. का अस्पताल भी व्यवस्था विहीन है।

 यहाँ की न तो सीटी स्कैन मशीन चल रही है और न ही टीपीसीआर लैब है। यहाँ के कर्मचारियों को भी इलाज के लिए बाहर भेजा जाता है। सिंह ने मांग की है कि जनता आक्रोशित हो, उसके पहले शिवराजसिंह व्यक्तिगत रूचि लेकर नेहरु चिकित्सालय जयंत, ट्रामा सेंटर बैढन, सेन्ट्रल हॉस्पिटल मोरवा, सीएचसी अस्पताल मोरवा और चितरंगी अस्पताल को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस करवायें ताकि लोगों को इलाज के अभाव में जान न गंवाना पड़े।

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