सांसद ने सीधी ( ससुराल) को खुश करने सिंगरौली(मायके) जिले के साथ किया भेदभाव मामला केंद्रीय विद्यालय में सांसद कोटे से प्रवेश का सीधी जिले के 9 व सिंगरौली के 1 छात्र का कराया प्रवेश सूची वायरल होने के बाद लोग कर रहे हैं ट्रोल

सांसद ने  सीधी ( ससुराल)  को खुश करने सिंगरौली(मायके) जिले के साथ किया भेदभाव मामला केंद्रीय विद्यालय में सांसद कोटे से प्रवेश का सीधी जिले के 9 व सिंगरौली के 1 छात्र का कराया प्रवेश सूची वायरल होने के बाद लोग कर रहे हैं ट्रोल


जिला सिंगरौली संवाददाता प्रदीप शाह की खास रिपोर्ट   



जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश रिर्टन विश्वकाशी ( RV NEWS LIVE) ब्यूरो न्यूज़-  हम सभी जानते हैं और हमेशा घर के बूढ़े बुजुर्ग भी  कहते रहते हैं कि बेटी का असली घर उसका ससुराल होता है और उसे जीवन मे जो भी करना है उसे  अपने ससुराल का हित  ध्यान में रख कर करना है,क्योंकि ससुराल के उद्धार से ही उनका मान सम्मान जुड़ा है।  आम जीवन के लिए एक समर्पित बहन-बेटी के हिसाब से यह  लाइन  वास्तव में सौ प्रतिशत सत्य है , लेकिन आपके क्षेत्र की कोई बहन- बेटी राजनीति क्षेत्र में हो जनप्रतिनिधि और वह उसे  मायके व ससुराल दोनों क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी मिली हो तो  मायके व ससुराल दोनों पक्ष क्षेत्र के विकास में शायद भेदभाव नही करना चाहिए।लेकिन दो जिलो की एक महिला सांसद ने अपने मायके वालों को ठेंगा दिखा कर  पूरा लाभ ससुराल पक्ष वालों को देकर सबको आवाक कर  दिया। 

हम बात कर रहे हैं सिंगरौली-सीधी की दूसरी बार सांसद के कार्यकाल का निर्वहन कर रही श्रीमती रीती पाठक जी का जिन्होंने केंद्रीय  विद्यालय * में अपने कोटे में आरक्षित *10 सीट  में से 9 सीट सीधी जिले(ससुराल पक्ष) को दे दिया और सिंगरौली को महज कोरम पूरा करने 1 सीट देकर मायके वालों पर *यशस्वी उपकार करने का काम किया है।  सांसद महोदया के द्वारा चयनित छात्रों की सूची वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी संख्या में आम लोग व दूसरे दलों के जनप्रतिनिधि जहां उन्हें ट्रोल कर रहे हैं वहीं अधिकांश लोग सिंगरौली जिले के साथ भेदभाव करने का खुलेआम आरोप लगाने लगे। 

लिस्ट में सीधी के 9 व सिंगरौली  1 छात्र का प्रवेश

केंद्रीय विद्यालय  में प्रवेश हेतु सांसद महोदया के संस्तुति पर 2021-22 में जिन छात्रों का नाम विशेष छूट में दिया गया है उनमें सूर्य विक्रम सिंह पुत्र जिवेंद्र सिंह कक्षा 9 वी निवासी सीधी, समर तिवारी पुत्र नागेंद्र तिवारी कक्षा 5 पता सीधी, आध्या पांडेय पुत्र पवन पांडेय कक्षा 4 पता सीधी,रुद्रास पुत्र आशीष मिश्रा कक्षा 9 वी पता सीधी, वैभवमणि पुत्र गणेश प्रसाद द्विवेदी  कक्षा 8 वी सीधी, अदिति सिंह पुत्र सुख निधान सिंह कक्षा 8 वी सीधी पूजा पुत्री प्रेम सागर शुक्ला कक्षा 4 सीधी, परिधि पुत्री विकास पांडेय कक्षा 3 सीधी व हेमंत आशुतोष चतुर्वेदी कक्षा 1 पता सीधी का नाम शामिल है जबकि सिंगरौली जिले से मात्र और मात्र एक छात्र का नाम दिया है जिसका नाम अर्पण तिवारी पुत्र प्रवीण तिवारी का कक्षा 7  है। 

ओबीसी, एस सी व एसटी के बच्चे नवोदय योग्य नही

सिंगरौली व सीधी जिले के ओबीसी, एस सी व एसटी समाज के लोग बिल्कुल मायूस ना हो कि नवोदय विद्यालय में  प्रवेश हेतु उनके समाज के  एक भी बच्चे का नाम क्यों नही दिया गया, क्योंकि सांसद महोदया ने जब सिंगरौली जिले अपर समाज के साथ ही भेदभाव कर उन्हें भौचक कर दिया तो आपकी क्या हैसियत है बताने की जरूरत नही है। नाम ना छापने की शर्त पर पार्टी से जुड़े लोग भी चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि सांसद महोदया से यह उम्मीद नही थी। उन्हें दोनों जिलों को बैलेंस करना चाहिए, और 5-5 छात्रों का प्रवेश के लिए नाम देना चाहिए। 

विधायकों को इसमें कोई रुचि नही

सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र सहित देवसर व चितरंगी की जनता ने अपने क्षेत्रीय विधायकों के सुस्ती पर चुटकी लेते हुए आरोप लगाया है कि हमारे जनप्रतिनिधि जिले के साथ होने वाले भेदभाव पर कुछ बोलने के बजाय मौन धारण किये रहते हैं लिहाजा प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देने वाले जिले के आम जनता  व बच्चों को कोई लाभ नही मिल रहा। 

गोद लिये हुए गांव के ही एकाद बच्चे का उद्धार कर देतीं

विपक्षी पार्टी के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि सांसद महोदया ने सिंगरौली जिले के साथ भेदभाव किया समझ मे आ रहा है , पर कम से कम बतौर सांसद गोद लिए हुए गांव नौगई गांव के किसी बच्चे का नाम दे देती तब भी लोग चुप हो जाते, लेकिन सांसद महोदया ने गोद लिए गांव का विकास तो नही किया अब वहां के बच्चों को भी केंद्रीय विद्यालय जैसे शैक्षिणक संस्थान में शिक्षा लेने से वंचित कर दिया । सांसद महोदया ने वाह वाही के चक्कर मे प्रवेश वाली लिस्ट को वायरल करने के दौरान भले ही  सोचा हो कि उनके इस उपलब्धि पर वाहवाही मिलेगी लेकिन लिस्ट में  सिंगरौली के साथ  हुए भेदभाव की तस्वीर साफ होने पर  मायके पक्ष के सभी लोग  लामबंद हो तरह तरह की चर्चाएं कर रहे है और कह रहे हैं कि सांसद महोदया से यह उम्मीद नही थी।

नोट- पहली पोस्ट में त्रुटिवश केंद्रीय की जगह नवोदय हो गया था, उसे केंद्रीय विद्यालय माना जाय।

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