सिंगरौली दूधमनियां गाँव के जिम्मेदार सचिव हरिहर प्रसाद जयसवाल दीपावली के शुभ अवसर पर डेम निर्माण में JCB लगाने के खुशी मे छत्तीसगढ़ी गाना पर नाचते नजर आ रहे हैं

सिंगरौली दूधमनियां गाँव के जिम्मेदार सचिव हरिहर प्रसाद जयसवाल दीपावली के शुभ अवसर पर डेम निर्माण में JCB लगाने के खुशी मे छत्तीसगढ़ी गाना पर नाचते नजर आ रहे हैं


 संवाददाता धर्मेंद्र शाह की खाश रिपोर्ट



जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश रिर्टन विश्वकाशी ( RV NEWS LIVE ) ब्यूरो न्यूज़/ सिगरौली जिला के तहसील सरई अन्तर्गत ग्राम पंचायत दूधमनियां का मामला जिसमें आपको बता दें कि गाँव के जिम्मेदार सचिव हरिहर प्रसाद जयसवाल जी डेम निर्माण JCB लगाकर काम करने के खुशी में  छत्तीसगढ़ी गाना पर नाचते  नजर आ रहे हैं । जिसमें पंचायत में डेम निर्माण में JCB लगाकर करते हैं बन्दर बाँट,(सरपंच - श्यामबाई सिंह पति रामरतन सिंह ,सचिव हरिहर प्रसाद जयसवाल, रोजगार सहायक रामप्रसाद प्रजापति, गाँव के लोग दो बक्त की रोटी के लिए तरस जाते हैं लेकिन किसी योजना के तहत काम भी आता है तो सचिव साहब JCB लगाकर काम करा लेते हैं और इन्जीनियर पटवारी सचिव सरपंच आंख मूंदकर

फर्जी तरीके से पैसा निकाल लेते हैं

सरपंच को तो शिर्फ वोट चाहिए और वोट मिलने के बाद उन्ही के पेट में लात मारकर उन्ही के हक को खा जाते  हैं। डेम  निर्माणाधीन कार्य में JCB लगा ,जिसमें मिडिया टीम पहुंची और  तहसीलदार और पटवारी से फोन पर बात किये तो उनके द्वारा टाल-मटोल का जबाब देकर फोन काट दिये कलेक्टर साहब गाँव में सरपंच पंच की चुनाव कराने का क्या मतलब,जब इनके रहने से बेरोजगारी और गरीबी, और भष्टाचार  बढ़ती जा रही है। सचिव साहब JCB लगाकर बहुत नाच भी रहे थे। खूब नाचिये साहब और इस गाँव की विकास करिये। इस गाँव को आपकी जरूरत है। आप नहीं रहेंगे तो भ्रष्टाचार कौन करेगा। 

लेकिन इस दुधमनिया पंचायत की हालत इतनी खराब हो गया है लेकिन गाँव के जिम्मेदार सरपंच को इनसे कोई मतलब नहीं है। मैं कहता हूँ कि नाचने के साथ- साथ गाँव का विकास करना भी जरूरी है। गाँव में इतनी बेरोजगारी है जिसमें आपको नजर नहीं आता है। इतना ही नहीं बल्कि रोड की समस्या इतनी जर्जर है की इतनी खबर प्रकाशित करने के बावजूद भी कलेक्टर साहब को आवेदन नहीं दिए। इतनी ही नहीं बल्कि गाँव में पानी की समस्या, बिजली की समस्या, गाँव में विभिन्न प्रकार के समस्या है। लेकिन इस विचार नहीं कर सकते हैं । क्योकि (अपना काम बनता तो भाण में जाए जनता )यह इनका कहानी है। गाँव में आंगनवाड़ी भवन है, पटवारी भवन है, विद्यालय भवन है, लेकिन इनका हालात क्या है इनको नहीं देखा जाता (और देखेंगे क्यों इन्हे अपने काम से फुर्सत नहीं है) कभी विद्यालय में जाने का समय नहीं मिलता। गाँव में पंचायत भवन है लेकिन एक किसी आवश्यक दस्तावेज में हस्ताक्षर कराने के लिए सरई जाना पड़ता है। गाँव में कोई बिमार हो गया तो रोड की  हालत खराब है। पंचायत में तरह-तरह के योजना आते हैं। लेकिन फर्जी तरीके से पैसा निकाले जाते हैं गाँव की जनता उन्हे अपने गाँव समाज को सुधारने और विकास के लिए सरपंच पंच की चुनाव करते हैं। इस लिए नहीं की किसी को परेशानियों का सामना करना पड़े ,(आम आदमी अगर चाहे तो बहुत कुछ कर सकती है लेकिन उनके अंदर एकता नहीं है आपस में फुट फुट की भावना रहती है) अभी-अभी कुछ ही दिनों में चुनाव होने वाले हैं। गाँव की जनता अपनी आखों में लगे पर्दे को हटाइए। उचित प्रतिनिधि का चुनाव करें। 

(कलेक्टर साहब मामले को संज्ञान में लेते हुए विधिक कार्यवाही करें)

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