सिंगरौली धिरौली कोल ब्लॉक के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई सफलतापूर्वक सम्पन्न

सिंगरौली धिरौली कोल ब्लॉक के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई सफलतापूर्वक सम्पन्न

 जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश से ब्यूरो चीफ विवेक पाण्डेय की खास रिपोर्ट



जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश रिर्टन विश्वकाशी (RV NEWS LIVE) ब्यूरो न्यूज़//सरई तहसील अन्तर्गत धिरौली कोल प्रोजेक्ट के लिए आज बासी बेरदहा गांव में पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु आयोजित लोक जनसुनवाई सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। सिंगरौली जिला के अपर कलेक्टर श्री डी पी वर्मन की उपस्थिति में मंच का संचालन डॉ नीरज वर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, मध्य  प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट से प्रभावित होनेवाले सभी आठ गांव के लगभग 2000 स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे जिन्होंने प्रोजेक्ट का खुलकर समर्थन किया।  इसके साथ हीं कुछ ग्रामीणों ने इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होनेवाले लोगों  के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए कुछ विचार भी रखे। इस जन सुनवाई में सिंगरौली जिला पंचायत अध्यक्ष, श्री अजय पाठक, झलरी पंचायत की सरपंच श्रीमती सुनीता प्रजापति, मझौली पाठ ;पंचायत के पूर्व सरपंच श्री राम लाल सेन और धिरौली के सरपंच उपस्थित थे।  प्रशासन की  तरफ से श्री नीलेश शर्मा, भू अर्जन अधिकारी, सिंगरौली, श्री अनिल सोनकर, एएसपी, सिंगरौली,  श्री आकाश सिंह, ए डी एम, देवसर, श्रीमती प्रियंका पांडेय, एसडीओपी, देवसर  सरई थाना प्रभारी श्री  संतोष तिवारी, लंघाडोल थाना प्रभारी श्री बालेन्द्र त्यागी मौजूद थे और अदाणी ग्रुप के तरफ से कोल माइनिंग बिजनेस हेड श्री राजेंद्र इंगले, प्रोजेक्ट हेड श्री सुरेन्द्र बाबू, सिंगरौली क्लस्टर हेड श्री बच्चा प्रसाद और सिंगरौली क्लस्टर एच आर हेड श्री विनोद यादव उपस्थित थे। 



प्रस्तावित धिरौली कोल माइन परियोजना, कोयला मंत्रायलय, भारत सरकार के द्वारा स्ट्राटाटेक  मिनरल रेसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद को आवंटित किया गया है जो आठ गांवों ( आमडांड, अमरईखोह, बेलवार, सिरसवाह, बासी बेरदहा, झलरी,धिरौली, फाटपानी  और सिरसवाह) के 2672 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है। इस कोल ब्लॉक में लगभग 620 मिलियन टन कोयले के भंडार है।  यह परियोजना लगभग 87 वर्षों तक चलेगी, जिसमें 40 वर्षों  तक कोयले का उत्खनन खुली खदान के द्वारा प्रस्तावित है। धिरौली कोयला परियोजना से प्रति वर्ष 6. 5  मिलियन टन कोयला का उत्खनन किया जाना प्रस्तावित है।  इस खनन परियोजना के संचालन के दौरान पर्याप्त मात्रा में रोजगार का सृजन होगा जिसके फलस्वरूप यहाँ के लोगों के आय में वृद्धि से जीवन स्तर बेहतर होगा। इस परियोजना से मध्य प्रदेश सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।



धिरौली परियोजना से प्रभावित होनेवाले सभी आठ गांवों के लोगों के पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन की व्यवस्था अधिनियम 2013 में निहित प्रावधान के तहत की जाएगी। जिला अधिकारी के विचार विमर्श से स्ट्राटाटेक  मिनरल रेसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन के लिए पैकेज तैयार किया जायेगा जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।  पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय निर्धारित मानकों के आधार पर वायु गुणवत्ता, जल गुणवत्ता, जल संसाधन, ध्वनि स्तर, भूमि पर्यावरण, मृदा की गुणवत्ता के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया गया और पाया कि सभी निर्धारित मानकों के सीमा के अनुरूप हैं एवं समुचित पर्यावरणीय प्रबंधन योजना का प्रावधान भी रखा गया है।

Popular posts
सिंगरौली जिले के वर्षगांठ के उपलक्ष्य में द सिंगरौली फाइल्स हुआ रिलीज़
Image
एसएचओ शक्तिनगर पर अवैध वसूली के लगे गंभीर आरोप,जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त हुए क्षेत्राधिकारी प्रदीप सिंह चंदेल
Image
अब तक कि पहली बघेली फीचर फ़िल्म प्रीत के बंधन 13 मई को मोहन चित्र मंदिर MCM बैढ़न में
Image
नदी नहाने गए लड़के की डुबने से हुई मौत-
Image
SINGER SHILPI RAJ MMS: का प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक लड़के के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखाई दे रही है
Image