नेवाई के चंदन घस मोरे लल्लन की तर्ज़ पर राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान करा रहे हैं,विद्युत वितरण विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी व अधिकारी मामला है ओबरा के अग्रवाल नगर व आसपास का

नेवाई के चंदन घस मोरे लल्लन की तर्ज़ पर राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान करा रहे हैं,विद्युत वितरण विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी व अधिकारी मामला है ओबरा के अग्रवाल नगर व आसपास का

जिला सोनभद्र उत्तर प्रदेश से ब्यूरो चीफ विवेक पाण्डेय की खास रिपोर्ट



जिला सोनभद्र उत्तर प्रदेश रिर्टन विश्वकाशी (RV NEWS LIVE) ब्यूरो न्यूज़//ओबरा नगर के पीसीएल विभाग की बिजली चोरों पर दरियादिली राज्य सरकार को महंगी पड़ रही हैं  क्योंकि ओबरा  के अग्रवाल नगर में व आसपास क्रसर प्लांटों में तथा रहायसी इलाकों में रसूखदार प्रभावशाली राजनीतिज्ञ व गैर राजनीतिज्ञ व्यक्तियों द्वारा बिजली चोरी बड़े पैमाने पर की जा रही है ।बिजली चोर बिजली मनमाने ढंग से बिजली का उपभोग कर रहे हैं जिसके लिए पूर्व एसडीओ विमलेश कुमार सिंह द्वारा कई बार टीम गठित कर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी भी की गई थी जिसके कारण कई  लोगों का बिजली का बिल जहां 800 रुपये आता था वहां अब 3500 रुपये से 4000 रुपये तक आ रहे हैं वही बड़े चोर बिजली का उपभोग बड़े पैमाने पर बाईपास तरीके से कर रहे हैं क्योंकि 2 किलो वाट 3 किलो वाट के कनेक्शन पर 8 किलो वाट का लोड मजे में उपभोग कर बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी कर रहे हैं है ।वहीं बिजली का बिल 1 महीने में मात्र 100 से 200 यूनिट अथवा  शून्य लोड पर बिजली का कनेक्शन काटा हुआ दिखाया जाता है जबकि पूरे महीने नेवाई के चंदन घस मोरे लल्लन की तर्ज पर बिजली विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों के सह पर बेखौफ तरीके से 8 से 10 किलो वाट के लोड का उपभोग किया जा रहा है इस पूरे खेल को पीसीएल के ज्यादातर भ्रष्ट कर्मचारी व अधिकारी  मिलकर बिजली चोरों को यह व्यवस्था मुहैया करा रखी है। सीधे-सीधे बिजली विभाग द्वारा बिजली चोरी कराए जाने में सहयोग से  बाईपास कर बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है यह बिजली विभाग के 50%से ज्यादा कर्मचारियों के बग़ैर सम्मिलित हुए यह संभव नहीं है । इस खेल में संविदा कर्मियों को सामने रखकर परमानेंट कर्मचारी व अधिकारी मजा ले रहे हैं।जहां एक तरफ लगातार कार्रवाई की जा रही है वहीं दूसरी तरफ चोरों से सांठगांठ कर बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा बड़े एफ आई आर को छोटी रिकवरी में तब्दील कर दिया जा रहा है। साथ ही बड़े जोरों पर यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है जिसके लिए पीसीएल विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी सीधे-सीधे संबंधित है तथा एक ही जगह पर बिजली विभाग के कर्मचारियों का कई वर्षों से टिके रहना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। तथा उनके ही गृह निवास एरिया में उनकी ड्यूटी लगाया जाना पूर्ण रूप से संदेह स्पष्ट करता है यही कारण है कि सोनभद्र के बिजली थाने से लेकर बिजली कर्मचारियों व विजिलेंस विभाग में कई वर्षों से तबादले नहीं हुए । किंतु सरकार की नई नीति ने कई भ्रष्ट अधिकारियों को इधर से उधर करने का निश्चय लिया जिससे इस ट्रांसफर प्रक्रिया में  कई चीजें ऐसी सामने आई है जिसमें  2 किलोवाट लोड  का कनेक्शन है वहां 8 से 10 किलो वाट का लोड मिल रहा है जबकि पुराने मीटर रीडरों द्वारा उसी कनेक्शन पर कभी भी 2 किलोवाट से अधिक का लोड नहीं दिखाया गया । तथा खबर लगाने के पश्चात पुनः मीटर रीडर द्वारा ऐसे बिजली चोरों का लोड शून्य कर कनेक्शन काटा हुआ दिखा कर रूपए 10000 से ऊपर बिजली उपभोग करने वाले का बिजली का बिल महज 400 रुपये से 800 रुपये तक आ रहा है । जो घोर भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष प्रमाण है और बिजली का यूनिट कभी मात्र 100 से 200 के बीच तो कभी महज चार पांच यूनिट दिखाया जाता है  जो किसी प्रकार संभव नहीं है  ।  जिसे देखकर हर व्यक्ति आश्चर्यचकित है कि जो अब तक हो रहे भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष प्रमाण है। किंतु इस विभाग के कर्मचारियों के गठजोड़ से कुछ भी संभव है । सोनभद्र जिले के पीसीएल विभाग का यह भ्रष्टाचार जग जाहिर है ।

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