अदाणी फाउंडेशन ने महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए दिया जोर

अदाणी फाउंडेशन ने महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए दिया जोर

ब्यूरो चीफ विवेक पाण्डेय की खास रिपोर्ट











  फोटो कैप्शन: अगरबत्ती एवं संब्रानी कप बनाती महिलाएं 

जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश रिर्टन विश्वकाशी राष्ट्रीय हिन्दी मासिक समाचार पत्र (RV NEWS LIVE) ब्यूरो न्यूज़//माडा तहसील अंतर्गत महान इनर्जेन लिमिटेड से प्रभावित गांवों में महिलाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से खैराही गांव में शुक्रवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान अदाणी फाउंडेशन के विशेषज्ञ ट्रेनर और प्रोजेक्ट अधिकारी विकास रॉय ने महिला उद्यमी समूह 'उषा किरण' से जुड़ी स्थानीय ग्रामीण महिलाओं को धूपबत्ती, अगरबत्ती एवं संब्रानी कप बनाने का गुर सिखाया। प्रशिक्षण ले रही महिलाओं को इसके लिए अदाणी फाउंडेशन की ओर से निःशुल्क कच्चा माल, पैकिंग की सामग्री,आवश्यक मशीनें और प्रचार-प्रसार करने की सामग्री भी प्रदान की गयी। इसके साथ हीं उन्हें उत्पाद की बिक्री के लिए मार्केटिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण ले रहे महिलाओं को निपुणता के साथ बनाए जा रहे उत्पाद की गुणवत्ता एवं एकजुट होकर व्यवसाय के रूप में इसे विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। 

महान इनर्जेन लिमिटेड से प्रभावित गांवों नगवा, बंधौरा, कर्सुआलाल और खैराही गावों में अदाणी फाउंडेशन द्वारा स्थानीय महिलाओं का कौशल विकास कर उनको रोजगार से जोड़ने और स्वाबलम्बी बनाने के उद्देश्य अब तक अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से 300 से ज्यादा महिलाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है। खैराही गांव में आयोजित इस कार्यक्रम के सफल संचालन में सीएसआर अधिकारी मनोज प्रभाकर,  ग्राम समन्वय कमलेश कुमारी एवं प्रोजेक्ट अधिकारी विकास रॉय का प्रमुख योगदान रहा जबकि स्थानीय महिलाओं में मानमती, अनीता, वंदना, गीता देवी, देव कुंवर, पूजा साकेत, मनीषा साकेत और सोनमती की उपस्थिति ने आयोजन को सफल बनाया। प्रशिक्षण प्राप्त सभी महिलाएं अदाणी फाउंडेशन के तरफ से निःशुल्क सामग्री पाकर काफी खुश हैं और वो अपने व्यापार में आगे चलकर अन्य सामग्रियां बढ़ाने की बात कह रही हैं।

स्थानीय ग्रामीण जरूरतमंद स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम का प्रशंसा कर रहे हैं। उनका भी मानना है कि  जब हर महिला रोजगार से जुड़ेंगी तो उससे उनकी आय बढ़ेगी और वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होंगी। समूह से जुड़ी महिला वंदना कहती हैं कि "मैं  धूपबत्ती निर्माण में पूरा ध्यान लगाउंगी और इसके विक्रय में उनके पति भरपूर सहयोग करेंगे और समूह को आगे बढ़ाएंगे।" अदाणी फाउंडेशन के मुताबिक जब तक प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं की प्रतिदिन की आमदनी सुनिश्चित नहीं होती तब तक किसी भी रोजगार प्रशिक्षण को सफल नहीं माना जायेगा और इसके लिए उनके द्वारा तैयार उत्पादों की उचित मूल्य पर बिक्री के लिए मार्केटिंग के संबंध में भी बताया जा रहा है।

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